हल्द्वानी

मेडिकल कॉलेज में रैगिंग, 10 सीनियर छात्रों पर लगा हजारों का जुर्माना, हास्टल से निकाला बाहर

 इस मामले में जूनियर छात्रों ने कोई शिकायत नहीं की, लेकिन कॉलेज प्रबंधन ने मामला संज्ञान में आने पर सीनियर छात्रों पर कार्रवाई की. मामला एंटी रैगिंग कमेटी को रेफर कर दिया गया है.

हल्द्वानी में राजकीय मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आया है. एमबीबीएस के सीनियर छात्रों पर जूनियर छात्रों के साथ मारपीट और अभद्रता का आरोप है. शिकायत न होने के बावजूद मामला संज्ञान में आने पर कॉलेज प्रबंधन ने सख्ती दिखाई है. एंटी रैगिंग कमेटी ने 10 सीनियर छात्रों पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना, छह माह के लिए हास्टल से बाहर और एक सप्ताह तक कक्षा से बाहर करने का निर्णय लिया है.

मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी की यह घटना हालांकि शुक्रवार की है. दोपहर में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के ब्वायज हास्टल से शोर-शराबे की आवाज आने पर गार्ड पहुंचे. वहां एमबीबीएस प्रथम वर्ष के चार छात्र अलग-अलग कमरों में मौजूद थे. गार्ड ने वीडियो बनाया और तत्काल सूचना प्राचार्य प्रो. अरुण जोशी को दी. प्राचार्य ने मौके पर ही जूनियर छात्रों से सीनियर छात्रों वाले हास्टल में आने का कारण पूछा. तब सभी छात्र बात टालते रहे.

हाेस्टल के कमरे से रोते हुए निकला जूनियर छात्र

इस पर शाम को ही प्रबंधन ने अनुशासन समिति की बैठक बुला ली गई. समिति ने मामले को एंटी रैगिंग कमेटी को रेफर कर दिया. शनिवार को कमेटी की बैठक में सभी सीनियर जूनियर छात्रों से पूछताछ हुई. वीडियो देखे गए. पीड़ित एक जूनियर छात्र अपने घर सहारनपुर पहुंच गया था. वीडियो में वह हाेस्टल के कमरे से रोते हुए निकलते दिखा. अन्य जूनियर छात्रों का आरोप है कि कमरे में बुलाकर सीनियर छात्रों ने अभद्रता की, मुर्गा बनने को कहते हुए कालर पकड़कर गाली दी गईं.

अभिभावकों को शपथपत्र भी देना होगा

कमेटी की जांच के बाद प्राचार्य प्रो. जोशी ने बताया कि हालांकि जूनियर छात्रों ने लिखित में शिकायत नहीं की है, लेकिन एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के 10 छात्रों के अलावा प्रकरण में संलिप्त अन्य के बारे में भी जानकारी ली जा रही है. वार्डन की ओर से आरोपितों के व्यवहार की संतोषजनक रिपोर्ट आने के बाद ही इन्हें परीक्षा में सम्मिलित करवाया जाएगा. साथ ही अभिभावकों को शपथपत्र भी देना होगा.

Back to top button