उत्तराखंड

बाबा केदार का एक भक्त ऐसा भी…हाथ पैर से दिव्यांग फिर भी श्रद्धा अपार

 दिव्यांग भक्त की केदारनाथ धाम में खूब चर्चा हो रही है. उसने बाबा केदार के प्रति सच्ची श्रद्धा का सबूत दिया है. उसके अंदर स्वाभिमान कूट-कूट कर भरा हुआ है.

 भगवान के प्रति सच्ची आस्था से हर कठिनाई पार हो जाती है. राजस्थान के एक श्रद्धालु ने सच्ची श्रद्धा का सबूत दिया है. यात्री हाथ पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद बाबा केदार का दर्शन करने रुद्रप्रयाग पहुंचा. बाबा केदार की भक्ति का आलम ये है कि दिव्यांग भक्त को किसी की सहायता भी मंजूर नहीं है. मदद के लिए आगे बढ़ने पर लोगों को मना कर देता है. श्रद्धालु मात्र घुटनों के बल चलता है. उसने बताया कि मन में बाबा केदार के दर्शन करने की इच्छा थी. बाबा ने उसकी पुकार सुन ली. भक्त ऋषिकेश स्थित लक्ष्मणझूला में रहकर पेटिंग बनाने का काम करता है. इस साल उसकी केदारनाथ यात्रा दूसरी बार हो रही है. केदारनाथ पहुंचना उसके लिए आसान नहीं था.

बाबा केदार का एक भक्त ऐसा भी..

तमाम कठिनाइयों को पार कर बाबा केदार के चरणों में शीश नवाने पहुंचा. उसने ऋषिकेश से बस के जरिये शेरसी  तक का सफर किया. शेरसी से हेलीकॉप्टर के जरिए केदारनाथ आया और हेलीपैड से पैदल मंदिर जाने का फैसला किया है. उसने बताया कि मैं हेलीकॉप्टर के टिकट का पैसा देना चाहता था, लेकिन दिव्यांग समझकर मुफ्त हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध करा दी गई. बाबा केदार के भक्त को मुफ्त का रहना खाना पसंद नहीं है. उसने हेलीपैड से मंदिर तक पैदल यात्रा करने की इच्छा जताई है.

भक्ति की केदारनाथ धाम में चर्चा

यात्री बरसात में भी केदारनाथ की यात्रा कर चुका है. दोबारा मन में बाबा केदार की यात्रा करने की चाहत होने पर सफर करने की ठानी. हेलीकॉप्टर से केदारनाथ धाम में उतरने पर भक्तों ने दिव्यांग यात्री की मदद करनी चाही, लेकिन उसने साफ इंकार कर दिया. पिठ्ठू ढोने वाले कई नेपाली भी दिव्यांग भक्त को केदारनाथ मंदिर तक छोड़ने की बात करते रहे, लेकिन उसने मदद लेना मंजूर नहीं किया. हेलीपैड से पैदल ही बाबा केदार का दर्शन करने निकल पड़ा. दिव्यांग भक्त की सच्ची बाबा केदार के प्रति असीम श्रद्धा देखकर हरकोई हतप्रभ है.

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