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क्‍या बंद हो चुके PPF खाते को दोबारा करवा सकते हैं चालू? जुर्माना लगेगा या बिना पैसे दिए हो जाएगा ये काम

 शानदार ब्‍याज, टैक्‍स बचत और पैसे डूबने का कोई खतरा नहीं होने की वजह से पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) भारत में निवेश का एक प्रमुख साधन है. पीपीएफ में कोई भी भारतीय 500 रुपए सालाना से निवेश शुरू कर सकता है. साल में पीपीएफ खाते में 1.5 लाख रुपए जमा कराए जा सकते हैं. अगर किसी वित्त वर्ष में 500 रुपए जमा नहीं कराए जाते हैं तो पीपीएफ अकाउंट निष्क्रिय (Inactive) हो जाता है.

खाता बंद होने के कारण पीपीएफ के जरिए मिलने वाले अन्‍य लाभ भी प्राप्‍त नहीं होते ऐसे में जरूरी है कि इसमें पीपीएफ खाते में निर्धारित राशि हर साल जमा करा दी जाए. यदि किसी कारणवश पीपीएफ खाता निष्‍क्रिय (PPF account deactivated) हो गया है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. बंद पड़ा PPF खाता आसानी से चालू हो जाता है.

यह है खाता चालू कराने की प्रक्रिया
पीपीएफ खाता दोबारा चालू करने के लिए खाताधारक को उस बैंक या पोस्‍ट ऑफिस जाना होगा, जहां पर पीपीएफ अकाउंट खुलवाया है. अकाउंअ दोबारा चालू कराने के लिए एक फार्म भरना होगा. इसके साथ ही आपको जिन वर्षों में पैसा जमा नहीं कराया है, वो एरियर राशि चुकानी होगी और साथ ही प्रतिवर्ष के हिसाब से 50 रुपए जुर्माना भी देना होगा.

ऐसे लगाएं हिसाब
मान लें कि आपका पीपीएफ खाता 4 साल से बंद है. तो आपको चार साल के हिसाब से 2000 रुपये एरियर अदा करने होंगे. इसके साथ ही आपको 200 रुपये की पैनाल्‍टी प्रतिवर्ष के 50 रुपए के हिसाब से चुकानी होगी.

खाता बंद होने के नुकसान
2016 में सरकार ने कुछ खास स्थितियों में मैच्योरिटी के पहले पीपीएफ खाते को बंद करने की अनुमति दी है. इन स्थितियों में जानलेवा बीमारी का इलाज या बच्चे की शिक्षा के लिए खर्च शामिल हैं. लेकिन, ऐसा पीपीएफ खाते में पांच साल निवेश करने के बाद ही किया जा सकता है. पीपीएफ खाते से लोन भी लिया जा सकता है. निष्क्रिय हुए पीपीएफ खाते में ये सब लाभ नहीं मिलते हैं. इसलिए पीपीएफ खाते को बंद नहीं होने देना चाहिए

पीपीएफ खाते पर मिलती है टैक्‍स छूट
पीपीएफ में निवेश पर सेक्शन 80सी के तहत टैक्स छूट (Tax Exemption) मिलती है. वहीं ब्याज आय पर और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम पर भी टैक्स नहीं चुकाना होता है.

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