धर्म और आस्था

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच के बीच बड़ी खबर, दान के पैसों की गिनती करने वाली टीम बदली

Ram Mandir News: एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है. सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने जांच पूरी होने तक जिम्मेदार व्यक्तियों के अयोध्या छोड़ने पर रोक लगाने की सिफारिश की है

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित राम मंदिर के चढ़ावा और दान में कथित तौर पर गबन की चल रही जांच के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक दान के पैसों की गिनती करने वाली टीम को बदल दिया गया है. बैंक की ओर से नकदी गणना में शामिल कर्मचारियों की टीम भी नई कर दी गई है. इसके साथ ही प्रक्रिया में लगाए गए स्वयंसेवकों की ड्यूटी और निगरानी व्यवस्था में तैनात कर्मियों को भी बदल दिया गया है.

सूत्रों के अनुसार पहले से निर्धारित नियमों का अब सख्ती से पालन कराया जा रहा है. वहीं काउंटिंग रूम में ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है. अब केवल बिना जेब वाले कपड़े पहनकर ही कर्मचारियों और संबंधित लोगों को काउंटिंग रूम में प्रवेश की अनुमति होगी. वहीं काउंटिंग रूम से बाहर निकलने वाले कर्मचारियों की फ्रिस्किंग भी की जा रही है. इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के लिए अलग से कर्मियों को तैनात किया गया है, जो विशेष रूप से काउंटिंग रूम की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे हैं.

वहीं इस मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है. सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने जांच पूरी होने तक जिम्मेदार व्यक्तियों के अयोध्या छोड़ने पर रोक लगाने की सिफारिश की है, ताकि जरूरत पड़ने पर उनसे दोबारा पूछताछ की जा सके.

एसआईटी ने राम मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन की भी सलाह दी है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रस्ट के सभी सदस्यों की जिम्मेदारी स्पष्ट और समान रूप से तय की जानी चाहिए. इसके साथ ही मंदिर ट्रस्ट में किसी प्रशासनिक अधिकारी को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश भी की गई है. प्रारंभिक जांच के आधार पर एसआईटी ने विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त समय मांगा है.

सुप्रीम कोर्ट के सभी निर्देशों का पूर्ण अनुपालन करने की सिफारिश 

वहीं रिपोर्ट में मंदिर प्रबंधन के लिए अधिक पेशेवर और पारदर्शी व्यवस्था अपनाने की आवश्यकता बताई गई है. इसके तहत दानराशि की साप्ताहिक या पाक्षिक ऑडिट व्यवस्था लागू करने, प्रतिदिन प्राप्त होने वाली नकदी की नियमित एंट्री सुनिश्चित करने और ट्रस्ट संचालन से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के सभी निर्देशों का पूर्ण अनुपालन करने की सिफारिश की गई है.

CCTV कैमरों के डाटा स्टोरेज की क्षमता बढ़ाने का सुझाव

इसके अलावा मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के डाटा स्टोरेज की क्षमता बढ़ाने का भी सुझाव दिया गया है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की जांच या सत्यापन के लिए पर्याप्त रिकॉर्ड उपलब्ध रह सके. हालांकि एसआईटी की यह रिपोर्ट अभी प्रारंभिक मानी जा रही है और अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई और निर्णय लिए जाएंगे.

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!